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मधुशाला / हरिवंश राय बच्चन
रश्मिरथी / दिनकर
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सोमवार, 29 अप्रैल 2013
रश्मिरथी / द्वितीय सर्ग / भाग 7 ........दिनकर
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'हाय, कर्ण, तू क्यों जन्मा था? जन्मा तो क्यों वीर हुआ? कवच और कुण्डल-भूषित भी तेरा अधम शरीर हुआ? धँस जाये वह देश अतल में, गुण की ...
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सोमवार, 22 अप्रैल 2013
रश्मिरथी / द्वितीय सर्ग / भाग 6...... रामधारी सिंह ' दिनकर '
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वीर वही है जो कि शत्रु पर जब भी खड्ग उठाता है, मानवता के महागुणों की सत्ता भूल न जाता है। सीमित जो रख सके खड्ग को, पास उसी को आने द...
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