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रविवार, 13 नवंबर 2011
प्रेरक प्रसंग-11 : नियम भंग कैसे करूं?
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प्रस्तुत-कर्ता : मनोज कुमार 1929 की बात है। एक दिन गांधी जी को किसी विशेष कारण से शाम की प्रार्थना में पहुंचने में एक मिनट की देरी हो गई।...
6 टिप्पणियां:
रविवार, 2 अक्टूबर 2011
बापू
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बापू - रामधारी सिंह दिनकर संसार पूजता जिन्हें तिलक, रोली, फूलों के हारों से, मैं उन्हें पूजता आया हूँ बापू ! अब तक अंगारों से। अंगार...
5 टिप्पणियां:
रविवार, 28 अगस्त 2011
मानव सेवा
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प्रेरक प्रसंग – 1 सेवाग्राम आश्रम में एक दिन सुबह एक व्यक्ति बापू की झोपड़ी में आया। बापू उसे पहचान गये। वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता था और कई...
10 टिप्पणियां:
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