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रविवार, 21 अगस्त 2011

नया अवतार …


कृष्ण ! 
कहा था तुमने
जब जब होगी
धर्म की  हानि
तुम आओगे
धरती पर ,
आज मानव
कर रहा है
तुम्हारा इंतज़ार
हे माखनचोर
कब लोगे
तुम अवतार ?
 

  तुम्हारा
कोई रूप नहीं
जाति नहीं
देह नहीं
सबके मन में
तुम्हारा वास
कब लोगे
तुम अवतार ?
 

धरा पाप से
मलिन हुई
पीड़ा जनता की
असीम हुई
अन्याय का
नहीं  कोई पारावार
कब लोगे
तुम अवतार ?

लीला तुम्हारी
अपरम्पार
भेजा एक कृष्ण
हमारे द्वार
करने दूर
अत्याचार
खत्म करने
भ्रष्टाचार
सब भक्तिभाव से
स्वीकार रहे
मन में आशा
जगा रहे
उसमें तुमको
देख रहे
जन्मदिन तुम्हारा
मना रहे
उमड़ पड़ा
जनसमूह अपार
ज्यों ही
कृष्ण ने
भरी हुंकार
क्या यही है
तुम्हारा नया  अवतार ?



संगीता स्वरुप
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गुरुवार, 2 सितंबर 2010

हे कृष्ण …!

हे  कृष्ण …!


संगीता स्वरूप

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजभाषा हिन्दी परिवार की तरफ़ से आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

हे  कृष्ण -

आओ  तुम एक बार

लेकर  कल्की  अवतार!

 

पापों का नाश कर  तुमने

पापियों को मुक्ति  दी

आज पापों के बोझ से

अवनि  है धंस रही

फ़ैल  रहा दसों दिशाओं में

अपरिमित  भ्रष्टाचार

हे कृष्ण -

तुम आओ  एक बार !

 

सतीत्व  की रक्षा को तुमने

था स्वयं को अर्पित किया

आज यहाँ हर चौराहे पर

स्त्रीत्व  खंडित  हो रहा

संवेदनाएं  प्रस्तर हुयीं

हुआ  असीमित व्याभिचार

हे कृष्ण -

आओ तुम एक बार !

 

धर्म रक्षा  हेतु तुमने

श्राप गांधारी का लिया

आज धरती पर है

अधर्म का दिया  जला

धर्मांध बने हुए सब

कर रहे एक दूजे पर प्रहार

हे कृष्ण -

आओ तुम एक बार !

ले कर कल्की अवतार!!

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजभाषा हिन्दी परिवार की तरफ़ से आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!