रविवार, 1 अगस्त 2010

संगीता स्वरूप की कविताएं

54-नारी एक शमा
36  ज़िंदगी और असमानांतर रेखाएं
35  रचयिता सृष्टि की
34  जलवा लेडीज़ क्लब का
33  जा रहे हो कौन पथ पर  
32  अर्धनारीश्वर 
31  घृणा 
30 खाली हाथ 
29 तृष्णाएं 
28 भ्रामक पीड़ा 
27 अहम् 
26 बंदिशें और ज़िंदगी 
25- मुखरित मौन 
24- ज़िम्मेदारी 
23- विश्वास 
22  अस्तित्व 
21 उफान सोच के 
20- आह्वान 
19  - दल दल कुंठाओं का 
18  -पुरानी कविताएँ / नए सन्दर्भ 
17 -  विडंबना 
16 -इंदिरा प्रियदर्शनी 
15-  सच्ची श्रद्धांजलि 
14 -ज़रुरी और मजबूरी 
13- -हर साल दीपावली मनाएंगे 
12 इम्तहान 
11 बेटी ..प्यारी सी धुन 
10- पर्व कन्या पूजन का 
बापू ..तेरे उपदेशों को 
8 - एक वचन लेना ही होगा 
7 - वेदना सृजन की 
6 - हे ! कृष्ण 
5 - विश्वास का उजास 
4- तासीर नीम की 
3- आज़ादी के इतने सालों में 
2- प्रदुषण 
1 - क्षणिकाएँ .. ज़िंदगी पर



1 टिप्पणी:

आप अपने सुझाव और मूल्यांकन से हमारा मार्गदर्शन करें