शुक्रवार, 3 जुलाई 2015

डिजिटल लॉकर

डिजिटल लॉकर

 संतोष कुमार गुप्‍ता
 कनिष्‍ठ हिन्‍दी अनुवादक

सूचना क्रॉंति के इस युग में दस्‍तावेजों को सुरक्षित रखना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सुरक्षा एवं सुविधा, दोनों की दृष्टि से यह कार्य महत्‍वपूर्ण है। डिजिटल लॉकर में आवश्‍यक दस्‍तावेज संचित करने पर उपयोगकर्ता दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर अपने दस्‍तावेज प्राप्‍त कर सकता है और दस्‍तावेज डिजिटल फार्मेट में होने के कारण उसके फटने,खोने अथवा दुरूपयोग होने की संभावना भी नहीं रहती है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुविधा के लिए डिजिटल लॉकर की व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध करवाई है। इस अंक में डिजिटल लॉकर संबंधी जानकारी प्रस्‍तुत है।  इस लॉकर में व्‍यक्ति को अपनी  शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कॉर्ड जैसे अहम दस्तावेज स्कैन कर अपलोड और साझा करने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा आपका डिजिटल लॉकर उन सब एजेंसियों के नाम भी प्रदर्शित करेगा जो  डिजिटल सिग्नेचर जारी करती हैं तथा उनका भी नाम दर्शाएगा जिन्होंने आपके डिजिटल डॉक्यूमेंटस देखे हैं। -दस्तावेजों को एक्स.एम.एल. फॉर्मेट में डिजिटल लॉकर में अपलोड किया जा सकता है।


डिजिटल लॉकर हेतु पंजीकरण:- इसके लिए उपयोगकर्ता को सर्वप्रथम https://digitallocker.gov.in/Register.aspx साइट ओपन कर साइन अप लिंक क्लिक करते हुए दिए गए टैक्‍स्‍ट बॉक्‍स में क्रमश: अपना आधार कार्ड नम्‍बर तथा मोबाइल अथवा ई-मेल पर सरकार द्वारा प्रेषित ओ.टी.पी. नम्‍बर (वन टाइम पासवर्ड) टाइप कर यूज़ ओ.टी.पी. प्रेस बटन क्लिक करना होगा।
ऐसा करते ही आधार कार्ड से आपकी वैधता सत्‍यापित हो जाएगी। अगले चरण में रजिस्‍टर फॉर अ डिजिटल लॉकर अकाउंट वेबपेज ओपन हो जाएगा। इस वेबपेज में क्रमश: एन्‍टर यूजरनेम, एन्‍टर पासवर्ड तथा कन्‍फर्म पासवर्ड के नीचे बने टैक्‍स्‍ट बॉक्‍स में अपेक्षित जानकारी भरें। यह कार्य नए ई-मेल आई.डी. बनाने के समान ही है। अंत में सब्मिट प्रेस बटन को क्लिक कर दें। ऐसा करते ही साइट पर आपका डिजिटल लॉकर अस्तित्व में आ जाएगा। उल्‍लेखनीय है कि भविष्‍य में उपयोगकर्ता कहीं से भी इस यूजर नेम तथा पासवर्ड से अपना डिजिटल लॉकर एक्‍सेस कर सकेगा। यहाँ आपको अपनी प्रोफाइल बनाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि प्रोफाइल पिक्चर, नेम, एड्रेस आदि सीधे आधार कार्ड से यहॉं लिंक हो जाएगा। डिजिटल लॉकर अकाउंट बनाने के बाद आप डिजिटल लॉकर अकाउंट को फेसबुक और जी-मेल से लिंक कर सकते हैं। शुरुआती तौर पर भारतीय नागरिकों कोडिजिटल लॉकर पर अपने दस्तावेज सुरक्षित रखने केलिए 1 जीबीस्टोरेज दी गई है।

   
      उपयोगकर्ता द्वारा साइन इन करने पर माय डॉक्‍यूमेंट नामक वेबपेज ओपन हो जाएगा जिसमें आप डिपार्टमेंट इश्‍यूड डॉक्‍यूमेंट्स तथा सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स नामक दो खंड बना पाएंगे। डिपार्टमेंट इश्‍यूड डॉक्‍यूमेंट्स में सरकार द्वारा प्रेषित दस्‍तावेज प्रदर्शित होंगे जिन्‍हें उपयोगकर्ता डाउनलोड कर सकेगा। सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स खंड में उपयोगकर्ता अपनी शैक्षिक पात्रता तथा आधार कार्ड संबंधी दस्‍तावेजों को अपलोड कर सकेगा। 
 

डॉक्‍यूमेंट अपलोडिंग विधि:- सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स शीर्ष के ऊपर दॉंयी ओर विद्यमान अपलोड के चिह्न को माउस से क्लिक करें ऐसा करते ही अपलोड डॉक्‍यूमेंट नामक एक विन्‍डो ओपन हो जाएगा जिसमें सिलेक्‍ट डॉक्‍यूमेंट के सम्‍मुख ड्रॉप डाउन मेन्‍यू से अपेक्षित डॉक्‍यूमेंट अर्थात आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा एस.एस.सी., एच.एस.सी., स्‍नातक प्रमाण पत्र का चयन करें।
अब चूज़ प्रेस बटन को क्लिक कर अपलोड किए जानेवाले प्रमाणपत्र का लोकेशन सिलेक्‍ट करें। इसके बाद अपलोड किए जानेवाले डॉक्‍यूमेंट के संबंध में डिसक्रिप्‍शन शीर्ष के आगे बने टैक्‍स्‍ट बॉक्‍स में 50 अक्षरों में कुछ विवरण लिखें और अंत में अपलोड बटन को प्रेस कर दें। ऐसा होते ही डॉक्‍यूमेंट अपलोड हो जाएगा तथा उसे सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स शीर्ष के अन्‍तर्गत देखा जा सकेगा। इस शीर्ष के अन्‍तर्गत आप डॉक्‍यूमेंट अपलोडिंग तिथि भी जान सकेंगे। उल्‍लेखनीय है कि अपलोड किए जाने वाले प्रत्‍येक फाइल का आकार 1 एम.बी. से ज्यादा नहीं होना चाहिए तथा फाइल अनिवार्य रूप से पी.डी.एफ., जे.पी.ई.जी., जे.पी.जी., पी.एन.जी., बी.एम.पी. और जी.आई.एफ. फॉर्मेट में होने चाहिए।


डॉक्‍यूमेंट डाउनलोडिंग विधि:- डॉक्‍यूमेंट को डाउनलोड एवं शेयर करने की विधि बहुत आसान है। सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स के अन्‍तर्गत प्रदर्शित डॉक्‍यूमेंट्स में से जिस डॉक्‍यूमेंट को डाउनलोड करना हो उसे माउस से क्लिक कर दें। ऐसा होते ही वह डॉक्‍यूमेंट आपके कम्‍प्‍यूटर के हार्डडिस्‍क पर सेव हो जाएगा।  

डॉक्‍यूमेंट शेयरिंग विधि:- डॉक्‍यूमेंट को शेयर करने की विधि बहुत आसान है। सेल्‍फ अपलोडेड डॉक्‍यूमेंट्स के अन्‍तर्गत प्रदर्शित डॉक्‍यूमेंट्स में से जिस डॉक्‍यूमेंट को शेयर करना हो उसके आगे बने शेयर के चिह्न को माउस से क्लिक कर दें। ऐसा होते ही शेयर विन्‍डो ओपन हो जाएगा जिसमें आप उस व्‍यक्ति अथवा संगठन विशेष का ई-मेल टाइप कर शेयर प्रेस बटन को क्लिक कर दें जिसे आप डॉक्‍यूमेंट शेयर करना चाहते हैं। ऐसा होते ही उक्‍त डॉक्‍यूमेंट की डाउनलोड लिंक संबंधित व्‍यक्ति या संगठन को मेल द्वारा प्राप्‍त हो जाएगी।  

10 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, नौशेरा का शेर और खालूबार का परमवीर - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज शनिवार (04-07-2015) को "सङ्गीतसाहित्यकलाविहीना : साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीना : " (चर्चा अंक- 2026) " (चर्चा अंक- 2026) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  3. आज हिंदी के विकास में अनेकों groups कार्य कर रहे हैं, जहां सभी सदस्य किसी न किसी रूप में योगदान कर रहे हैं।मैं चाहता हूं कि इस विकास की गति कभी न रुके।
    मैंने सभी हिंदी प्रेमियों को एक मंच पर लाने के लिये एकमंच नाम से एक mailing list बनाई है।
    आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि इस मंच के सदस्यों में आज हिंदी की जानी मानी शकसीयत [लेखक, कवि तथा ब्लौगर्स[ हैं। मेरा परियास है के इस मंच रूपी अंबर में प्रत्येक हिंदी का सितारा चमके। मेरा किसी Hindi groups से किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा नहीं है। यह मंच समेकित उदेश्यों के साथ बनाया गया है।
    सभी हिंदी प्रेमियों को एकमंच पर लाना।
    वेब जगत में हिंदी भाषा, हिंदी साहित्य को सशक्त करना
    भारत व विश्व में हिंदी से सम्बन्धी गतिविधियों पर नज़र रखना और पाठकों को उनसे अवगत करते रहना.
    हिंदी व देवनागरी के क्षेत्र में होने वाली खोज, अनुसन्धान इत्यादि के बारे मेंहिंदी प्रेमियों को अवगत करना.
    हिंदी साहितिक सामग्री का आदान प्रदान करना।
    हिंदी तकनीक, टंकण, कंप्यूटर तथा हिंदी वैवसाइटों व ब्लौगर्स की जानकारी
    अतः हम कह सकते हैं कि एकमंच बनाने का मुख्य उदेश्य हिंदी के साहित्यकारों व हिंदी से प्रेम करने वालों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां उनकी लगभग
    सभी आवश्यक्ताएं पूरी हो सकें।
    ये मंच पूरी तरह राष्ट्र भाषा को समर्पित है, इस लिये इस मंच पर हिंदी में किसी भी प्रकार की चर्चा की जा सकती है। ध्यान रहे कि चर्चा का विषय भड़काऊ, देश विरोधि,
    किसी धर्म पर कटाक्ष, तथा व्यक्तिगत नहीं होना चाहिये।
    कोई भी सदस्य इस समूह को सबस्कराइब कर सकता है। सबस्कराइब के लिये
    http://groups.google.com/group/ekmanch
    यहां पर जाएं। या
    ekmanch+subscribe@googlegroups.com
    पर मेल भेजें।

    [मेरा आप से निवेदन है कि आप भी इस मंच के सदस्य बनकर मंच को अपना स्नेह दें। औरों को भीइस मंच की सदस्य लेने के लिये आमंत्रित करें]
    मंच के बारे में...

    अब गुगल समूह की कामयावी के बाद अब एक मंच फेसबुक पर भी प्रारंभ किया गया है। उमीद है, यहां भी आप इस मंच को अपना स्नेह देंगे। गुगल समूह पर ये मंच जारी रहेगा।
    इस मंच की सदस्यता लेने के लिये मोबाइल सदस्य
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    तथा अन्य सभी सदस्य
    https://www.facebook.com/groups/322981874542410
    पर जाकर अपनी सदस्यता ले सकते हैं।
    आज ही फेस बुक पर भी इस मंच की सदस्य बनें।
    अंत में मेरा सभी groups के संचालकों, प्रबंधकों तथा सदस्यों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि इस मंच के प्रचार प्रसार में मेरा सहियोग दें। आप सब के सहियोग से ही ये संपूर्ण मंच बन सकेगा।

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  4. बहुत बढ़िया उपयोगी जानकारी प्रस्तुति हेतु आभार!

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  5. काम की जानकारी दी है। इसके लिए आपका आभार

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  6. काम की जानकारी दी है। इसके लिए आपका आभार

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  7. Bahut hi sunder &dil ko choose lens wali jankari aapko shat shat naman

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