सोमवार, 19 दिसंबर 2011

काजू भुने पलेट में, विस्की गिलास में... ( अदम गोंडवी )


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जन्म :  22 अक्टूबर 1947 
निधन : 18 दिसंबर 2011


काजू भुने पलेट में, विस्की गिलास में
उतरा है रामराज विधायक निवास में


पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत
इतना असर है ख़ादी के उजले लिबास में

आजादी का वो जश्न मनायें तो किस तरह
जो आ गए फुटपाथ पर घर की तलाश में

पैसे से आप चाहें तो सरकार गिरा दें
संसद बदल गयी है यहाँ की नख़ास में

जनता के पास एक ही चारा है बगावत
यह बात कह रहा हूँ मैं होशो-हवास में

16 टिप्‍पणियां:

  1. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा आज दिनांक 19-12-2011 को सोमवारीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  2. अदम गोंडवी को विनम्र श्रद्धांजलि

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  3. उस महान आत्मा को हार्दिक श्रद्धांजलि

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  4. कामरेड अदम गोंडवी को लाल सलाम ।

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  5. गोंडवी जी के विनम्र श्रद्धांजलि।

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  6. गोंडवीजी को हमारा नमन। उनकी कविता नश्‍तर सी लगती है।

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  7. अदम जी को भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि ...
    सरल-सहज स्वभाव के , ठेठ देहाती वेश-भूषा कुर्ता,धोती और गमछे में रहने वाले अदम गोंडवी की शायरी एक ज्वालामुखी की तरह है जिसमे बहुत आग है | गाँव-गरीब की संवेदना की संवाहक है उनकी शायरी | उर्दू ग़ज़ल में हिंदी-उर्दू शब्दों का प्रयोग करके और अपने बेबाक लहजे से उन्होंने उर्दू शायरी को एक नया आयाम दिया |

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  8. गोंडवी एक जनकवि थे.उनकी यह प्रसिद्द रचना यहाँ पढवाने का धन्यवाद.उस महान शायर को शत शत नमन.

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  9. अदम गोंडवी जी को विनम्र श्रद्धांजलि ।

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  10. इन दिनों यह गजल कई बार पढने को मिली। फिर पढा।

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  11. बहुत अच्‍छी कविता है

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