शनिवार, 17 अप्रैल 2010

आज का विचार-25

आज का विचार- दुष्ट व्यक्ति से बचें

दुर्जनेन समं सख्य वैरंचापि न कास्येत।

उष्णो दहति चांगारः शीतः कृष्णायते करम॥

                                                    --हितोपदेश

अर्थात

 

दुष्ट प्रकृति के मनुष्य के साथ न मित्रता करनी चाहिए न वैर। क्योंकि दुष्ट व्यक्ति दोनों ही स्थितियों में अनिष्ट करता है। जैसे कोयला जलता हुआ हो तो स्पर्श करने पर हाथ जला देता है और ठंडा हो तो हाथ काले कर देता है।

बुधवार, 14 अप्रैल 2010

आज का विचार-24

अभिदर्गात्राणि शुद्धयन्ति मन: सत्येन शुद्धयति।
विद्यातपोभ्यां भूतात्मा बुद्धिर्ज्ञानेन शुद्धयति।।

---- मनु स्मृति
जल से शरीर शुद्ध होता है, सत्य से मन शुद्ध होता है, विद्या और तप से आत्मा शुद्ध होती है और बुद्धि ज्ञान से शुद्ध होती है।